28 दिनों में चीन की 7 वीं धमकी, भारत मौन

Image result for india china border

नई दिल्ली। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारत को एक बार फिर धमकी दी है। 28 दिनों में चीन ने 7 वीं बार ये धमकी भारत को दी है। पीएलए के सीनियर कर्नल ली ली ने कहा है कि अगर भारत जंग या झड़पों से बचना चाहता है तो उसे डोकलाम से फौरन अपने सैनिक वापस बुला लेना चाहिए। ली ने ये बात उन भारतीय पत्रकारों से कही जिन्हें चीनी सरकार ने स्पॉन्सर किया है। बता दें कि डोकलाम के ट्राइजंक्शन एरिया में भारत और चीन के सैनिक एक महीने से आमने-सामने हैं। भारत पहले ही साफ कर चुका है कि वो डोकलाम से सैनिक नहीं हटाएगा।
डोकलाम विवाद पर चीन की तरफ से आए दिन धमकी दी जा रही है। उसके सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स और पीएलए के अखबार ने भारत को बार-बार डोकलाम से सेना हटाने या फिर नतीजे भुगतने की धमकी दी है। कर्नल ली ने कहा- चीन के इलाके में घुसपैठ भारतीय सैनिकों ने की है। मैं भी एक सैनिक हूं। आपको (भारतीय पत्रकारों) को इस खबर को रिपोर्ट करना चाहिए कि इस वक्त चीनी सैनिक क्या सोच रहे हैं। हम अपने इलाके की सिक्युरिटी के लिए कदम जरूर उठाएंगे। भारतीय पत्रकारों को चीन के गैरीसन इलाके में ले जाया गया। ये जगह बीजिंग के करीब ही है। खास बात ये है कि यहां भारतीय पत्रकारों को चीन की कॉम्बेट स्किल्स के बारे में भी बताया गया।
इंडियन जर्नलिस्ट्स को क्या दिखाया गया
गैरीसन में भारतीय पत्रकारों को पीएलए की शार्प शूटिंग स्किल्स, दुश्मनों को बंदी बनाना और काउंटर टेरेरिज्म की स्किल्स दिखाई गईं। बता दें कि गैरीसन पीएलए का सबसे पुराना ट्रेनिंग सेंटर है। यहां फिलहाल, 11 हजार चीनी सैनिक ट्रेनिंग ले रहे हैं। हालांकि, ली ने साफ कर दिया कि चीनी सैनिकों की तैयारियों का डोकलाम विवाद से कोई ताल्लुक नहीं है। इसके पहले चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री ने कहा- हम जानते हैं कि डोकलाम के अलावा भारतीय इलाके में अभी भी कई सैनिक मौजूद हैं। चीन का एक्शन इस बात को देखकर तय होगा कि भारत क्या कर रहा है। जरूरत पड़ने पर हम अपनी तरफ से कदम उठाएंगे। मिनिस्ट्री ने आगे कहा- सरकार और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के जो भी ऑर्डर होंने, उन्हें फॉलो किया जाएगा। चाइना डेली ने भी सोमवार को एक आर्टिकल पब्लिश किया। इसमें कहा- भारत के सैनिकों ने घुसपैठ की है और चीन को इस बात का पूरा कानूनी हक है कि वो अपनी बॉर्डर को महफूज रखने के लिए कदम उठाए।
आर्टिकल में आगे कहा गया है- पड़ोसियों के बीच गलतफहमियां हो सकती हैं लेकिन भारत को भड़काउ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। भारत को ये याद रखना चाहिए कि जो भी हमारी इलाके पर कब्जे की कोशिश करेगा, हम उसे हराने का दम रखते हैं

Comments