गोरखपुर ट्रेजडी पर सीएम योगी ने तोड़ी अपनी चुपी, दिया ये बयान…

गोरखपुर ट्रेजडी पर सीएम योगी ने तोड़ी अपनी चुपी, दिया ये बयान…
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 5 दिन में लगभग 60 बच्चों की मौत के बाद के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अपनी चुपी तोड़ी है. शनिवार 12 अगस्त को मीडिया से हुई बातचित में उन्होंने इस घटना में मरे बच्चों के परिवारवालों से संवेदना जताई है. सीएम योगी ने कहा कि वे सीएम बनने के बाद दो बार इस अस्पताल का दौरा किया है और इंस्फेलाइटिस को रोकने से जुड़े उपायों पर भी चर्चा की.
योगी ने कहा कि गोरखपुर की घटना से पीएम नरेन्द्र मोदी काफी दुखी और चिंतित हैं. उन्होंने इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है. सीएम ने बताया कि पीएम ने केन्द्र के दो मंत्रियों को गोरखपुर भेजा है, और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल गोरखपुर जा रहे हैं. साथ में उन्होंने मीडिया से अपील की कि तथ्यों को सही तरीके से पेश करें. सीएम योगी ने कहा कि मौत के आंकड़े अलग अलग दिनों के हैं, और इस मामले में भ्रम की स्थिति है.
योगी ने मौत के कारण पर कहा कि अगर ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत हुई है तो ये जघन्य कृत्य है. उन्होंने यह बताया कि इस मामले में ऑक्सीजन सप्लायर की भूमिका की जांच हो रही है. इसके लिए चीफ सेक्रेटरी की अगुवाई में एक कमेटी गठित की गई है. योगी ने कहा कि हादसे की मजिस्ट्रेट जांच हो रही है और दोषियों को उनकी सरकार कतई नहीं बक्सेगी . सीएम योगी ने कहा कि मैं 9 अगस्त को बीआरडी अस्पताल में निरीक्षण के लिए गया था लेकिन मुझे ऑक्सीजन की कमी के बारे में नहीं बताया गया था.
सीएम योगी ने अपने बयान में कहा कि अस्पताल में मौतें सिर्फ ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई. कई बच्चों की मौत की वजह प्री मैच्योर डिलीवरी भी है. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के दोषी प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है. आगे सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा कि इन्सेफलाइटिस के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी.
दूसरी तरफ यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अगस्त के महीने में इस इलाके में इन्सेफलाइटिस से ज्यादा मौतें होती है. उन्होंने अपने आकड़ो में बताया कि 2014 में अगस्त महीने में बीआरडी अस्पताल में 567 मौतें हुई थी, जबकि 2015 में इसी अस्पताल में अगस्त में 668 मौतें हुईं.
सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि 10 अगस्त को 23 बच्चों की मौत हुई लेकिन ये मौतें ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई. आपको बता दें की स्वास्थ्य मंत्री ने ये स्वीकार किया कि 2 घंटे तक ऑक्सीजन की सप्लाई में कमी आई थी परन्तु आगे उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की मौत इस वजह से नहीं हुई थी.
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