यूपी में सिपाही भर्ती के बदले नियम

यूपी में सिपाही भर्ती के बदले नियम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे में सिपाही भर्ती प्रक्रिया को बदलने का निर्णय लिया है। अब सिपाहियों का चयन लिखित परीक्षा की मेरिट से होगा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल) को सिर्फ क्वालीफाइंग रखा जाएगा। फिजिकल क्वालीफाई किये बिना कोई भी सिपाही के पद पर भर्ती नहीं हो पाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ की अध्यक्षता में यहां लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में गृह विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है और अब पुलिस भर्ती बोर्ड के माध्यम से सिपाहियों के रिक्त एक लाख एक हजार पदों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कैबिनेट में लिए गये फैसलों की जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सिपाहियों के रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार ने पुरानी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है। इसके तहत पहले जहां हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व फिजिकल टेस्ट के अंकों के आधार पर भर्ती की जाती थी। नयी व्यवस्था के तहत अब 300 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, इसमें निगेटिव मार्किग होगी। निगेटिव मार्किग का प्रतिशत बोर्ड तय करेगा, लेकिन न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक कोई नहीं रहेगा।
रिक्त पदों के सापेक्ष कितने अभ्यर्थियों को फिजिकल के लिए बुलाया जाए, यह भी पुलिस भर्ती बोर्ड पर होगा, लेकिन फिजिकल टेस्टको अब ज्यादा सख्त बना दिया गया है। उम्र में कोई बदलाव नहीं होगा, पुरु ष 18-22 वर्ष व महिला अभ्यर्थी 18-25 वर्ष के बीच की होगी।
शारीरिक दक्षता परीक्षा में पुरु ष अभ्यर्थियों के लिए होने वाली 4.8 किलोमीटर की दौड़ अब 25 मिनट में पूरा करना होगा, पहले यह दौड़ 27 मिनट में पूरी करनी होती थी, इसी तरह महिलाओ के लिए 2.4 किमी दौड़ 16 मिनट के बजाय 14 मिनट में ही पूरी करनी होगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाला ही लिखित परीक्षा की मेरिट से चयनित हो पाएगा।
लिखित परीक्षा महिला व पुरु ष अभ्यर्थियों के लिए एक ही होगी। संख्या ज्यादा होने पर नार्मलाइजेशन किया जाएगा, इसके लिए भी भर्ती बोर्ड को अधिकृत किया जाएगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देने आये प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि नयी व्यवस्था सिर्फ सिपाहियों की भर्ती के लिए है, प्रदेश में एक लाख से ज्यादा सिपाहियों के पद खाली हैं।
लेकिन प्रशिक्षण की उपलब्ध व्यवस्था के लिए सभी को एक साथ भरना मुमकिन नहीं है, ऐसे में दो-तीन वर्ष में पदों को भरा जा सकेगा, पहले चरण में 30-35 हजार सिपाहियों की भर्ती की जाएगी, इसके लिए बोर्ड नियमावली तैयार करेगा और फिर पदों का विज्ञापन जारी करके चयन शुरू किया जा सकेगा।

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